चिकित्सा विज्ञान में, पिंडलियों की मांसपेशियों (Calf Muscles) को अक्सर “पेरिफेरल हार्ट” या “सेकें…
चिकित्सा विज्ञान में, पिंडलियों की मांसपेशियों (Calf Muscles) को अक्सर “पेरिफेरल हार्ट” या “सेकेंड हार्ट” कहा जाता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि: ये मांसपेशियां रक्त को नीचे से ऊपर, यानी दिल की ओर वापस धकेलने में मदद करती हैं. जब हम चलते हैं या हिलते-डुलते हैं, तो ये मांसपेशियां सिकुड़ती और फैलती हैं, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और वीनस रिटर्न (venous return) बेहतर होता है. इस तरह, यह रक्त संचार को बढ़ावा देती है और नसों में खून के जमने (वीनस स्टेसिस - venous stasis) को रोकती है, जिससे खतरनाक थक्के (जैसे डीवीटी - डीप वेन थ्रॉम्बोसिस) से बचाव में मदद मिलती है. खासकर लंबे समय तक बैठे रहने वाले लोगों को इसीलिए सक्रिय रहने की सलाह दी जाती है. रोजमर्रा की मध्यम शारीरिक गतिविधि, जैसे पैदल चलना, सीढ़ियां चढ़ना, हल्की एक्सरसाइज दिल की सेहत में सुधार करती है. यह ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखती है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक के खतरे को कम करती है. Second heart according to Chinese medicine #ayurvedicclinic #ayurveda #healthtips #sexologist #health #viral #health #erectiledysfunction #weightloss #weightgain
